वनकर्मी पर हमले के मामले में त्वरित कार्रवाई, तीसरा वन तस्कर पुलिस की गिरफ्त में


रुद्रपुर। थाना नानकमत्ता क्षेत्र में वनकर्मी पर हुए हमले के मामले में पुलिस की तेज़ और सख्त कार्रवाई रंग लाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के निर्देश पर 24 घंटों के भीतर तीसरा वन तस्कर भी गिरफ्तार कर लिया गया। रनसाली वन रेंज के जंगलों में कांबिंग के दौरान बलजीत सिंह नामक तस्कर को पुलिस ने देवा नदी के किनारे से गिरफ्तार किया। इससे पहले, अमरीक सिंह और उसके बेटे चरणजीत सिंह को बीती 16 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस के अनुसार, यह मामला 15/16 अक्टूबर की रात का है, जब वन विभाग की टीम पर वन तस्करों ने फायरिंग की थी, जिसमें एक वन आरक्षी घायल हो गया था। सूचना मिलने पर वन विभाग ने नानकमत्ता थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कराया और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों की तलाश शुरू की


इस गंभीर प्रकरण के बाद एसएसपी द्वारा बुलेटप्रूफ जैकेट और आधुनिक हथियारों से लैस पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने रनसाली वन रेंज और उसके आसपास के गांवों में सघन कॉम्बिंग की, जिसके दौरान बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की, जहां से अवैध खैर की लकड़ी बरामद की गई। इससे पहले अमरीक सिंह और चरणजीत सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इन पर आरोप है कि वे नानकमत्ता क्षेत्र में अवैध रूप से खैर की लकड़ी का व्यापार करते थे और उत्तर प्रदेश के लकड़ी व्यापारियों से संपर्क कर उसे अवैध रूप से बेचते थे। छापेमारी के दौरान उन्होंने वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस की इस तेज़ कार्रवाई ने अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश दिया है, और अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं

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