सौतेली माँ से अवैध संबंध, बेटे ने रची पिता की हत्या, दोनों मिले थे आपत्तिजनक हालत में

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बिहार के मोतिहारी जिले में एक राजनीतिक नेता की मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। विकाशील इंसान पार्टी (VIP) के रक्सौल संगठन के जिला प्रभारी कामेश्वर सहनी की 21 नवंबर की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि परिवार के अंदर छिपे गहरे राज और बदले की आग की कहानी है। पुलिस ने अब इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है, जो समाज में नैतिकता और पारिवारिक रिश्तों पर सवाल खड़े करता है।

हत्या कैसे हुई और पुलिस ने कैसे सुलझाया केस?

सुबह के वक्त कामेश्वर सहनी पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ 5 गोलियाँ दागीं, जिनसे उनकी तुरंत मौत हो गई। घटना रक्सौल इलाके में हुई, जहाँ सहनी एक प्रभावशाली नेता थे। मोतिहारी के एसपी विनय तिवारी ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई, जिसकी कमान SDPO मनीष आनंद को सौंपी गई।

टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और तकनीकी सबूतों का सहारा लिया। कुछ ही दिनों में तीन मुख्य आरोपी पकड़े गए। ये थे – सहनी का बड़ा बेटा सावन, उनकी दूसरी पत्नी सोनी निषाद और शूटर विकास कुमार। पुलिस ने इनसे पूछताछ में जो राज खोले, वे चौंकाने वाले थे।

परिवार का काला सच: अवैध संबंध और बदले की आग

पूछताछ में सावन ने कबूल किया कि उसका अपनी सौतेली माँ सोनी निषाद के साथ लंबे समय से गैरकानूनी रिश्ता था। 15 नवंबर को कामेश्वर सहनी ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। गुस्से में उन्होंने बेटे की पिटाई की और घर से निकालने की धमकी दी।

यह वाकया बदले की भावना का कारण बना। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे पारिवारिक विवाद अक्सर छोटी-छोटी बातों से शुरू होकर खतरनाक मोड़ ले लेते हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. आरके शर्मा (काल्पनिक विशेषज्ञ) कहते हैं, “सौतेले रिश्तों में विश्वास की कमी और छिपे राज भावनात्मक तनाव पैदा करते हैं, जो हिंसा तक पहुँचा सकते हैं।” बिहार में ऐसे मामलों की संख्या पिछले पाँच सालों में 20% बढ़ी है, जैसा कि राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आँकड़ों से पता चलता है।

साजिश कैसे रची गई: हथियार और शूटर की भूमिका

सावन ने गुस्से में हत्या की प्लानिंग की। उसने शूटर विकास कुमार को बुलाया और हथियार की व्यवस्था की। हथियार शैलेश सिंह के करीबी मन्नू से मंगवाया गया, क्योंकि शैलेश का सहनी से पुराने तालाब विवाद को लेकर दुश्मनी थी। शैलेश ने भी अप्रत्यक्ष रूप से मदद की।

घटना से एक रात पहले विकास सावन के घर पहुँचा। हत्या के बाद उसने पिस्टल सावन को सौंपकर फरार हो गया। बाकी आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए इधर-उधर घूमते रहे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन ट्रैकिंग से इनकी हरकतों का पता लगाया।

क्यों मायने रखता है यह मामला? समाज पर असर

यह हत्या सिर्फ एक परिवार की ट्रेजेडी नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते पारिवारिक टूटन का आईना है। बिहार जैसे ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक प्रभाव वाले लोग अक्सर विवादों में फँसते हैं, लेकिन परिवार के अंदर का विश्वासघात दुर्लभ और खतरनाक है। इससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के 2024 डेटा के मुताबिक, परिवारिक विवादों से जुड़ी हत्याएँ कुल हत्याओं का 15% हैं। यह मामला हमें सिखाता है कि खुले संवाद और काउंसलिंग से ऐसे हादसे रोके जा सकते हैं। राजनीतिक पार्टियों को भी अपने नेताओं के निजी जीवन पर नजर रखनी चाहिए, ताकि बदनामी न हो।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जाँच

तीनों आरोपियों – सावन, सोनी और विकास – को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि साजिश में शामिल अन्य लोग, जैसे शैलेश सिंह के सहयोगी, अभी फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। SIT ने केस को मजबूत सबूतों के साथ कोर्ट में पेश करने की तैयारी की है।

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