
उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षकों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। नौ सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को राजधानी देहरादून में उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाआक्रोश रैली निकाली और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।
देहरादून में शिक्षकों का प्रदर्शन
शिक्षकों ने टीईटी से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और शिक्षण कार्य के अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति देने समेत कई मांगें उठाई। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांगें रखने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ये है मांगें
शिक्षकों की नौ सूत्रीय मांगों में टीईटी से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग प्रमुखता से शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी से संबंधित प्रावधानों को लेकर उनके बीच असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अलावा दूसरे गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं कराए जाने की मांग उठाई।
शिक्षकों ने गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करने, हिमालयी राज्यों की तर्ज पर शिक्षा मित्रों को नियमित करने और पूरे सेवाकाल में एक बार गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि इन मांगों का समाधान होने से शिक्षकों को राहत मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
समाधान नहीं निकलने से नाराज हैं शिक्षक
शिक्षकों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। इस दौरान कई दौर की वार्ताएं भी हुईं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। शिक्षकों का कहना है कि बार-बार मांगें उठाने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है

