रुद्रप्रयाग आपदा में लापता लोगों की तलाश जारी, नुकसान के आंकलन के लिए की नोडल अधिकारियों की तैनाती

cloudburst in Rudraprayag

रुद्रप्रयाग आपदा में लापता लोगों की तलाश दूसरे दिन भी जारी है। डीएम प्रतीक जैन ने क्षति का त्वरित आंकलन करने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की है।

रुद्रप्रयाग आपदा में लापता लोगों की तलाश जारी

रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र में 29 अगस्त को हुई अत्यधिक बारिश के कारण तालजमन, छेनागाढ़, स्यूर और लल्लूरी (उच्छोला) में काफी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार दूसरे दिन भी युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चला रहा है।

आपदा में 18 से 20 लोग लापता

बता दें रुद्रप्रयाग में बादल फटने से जखोली ब्लॉक के छेनागाड़, बांदर सहित कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ है। जबकि टेंडवाल गांव में एक महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं 18 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

नुकसान के आंकलन के लिए की नोडल अधिकारियों की तैनाती

डीएम प्रतीक जैन के निर्देश पर अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग रुद्रप्रयाग को प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का जल्द आकलन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है।साथ ही, विभिन्न स्थानों के लिए अभियंताओं, राजस्व उपनिरीक्षकों और ग्राम विकास अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

नुकसान का आकंलन करने के लिए मैदान में उतरी टीमें

तालजामण क्षेत्र में दो टीमें लगाई गई हैं। पहली टीम में शैलेन्द्र तोमर और सौरभ गैरोला के साथ स्थानीय राजस्व उप निरीक्षक और ग्राम विकास अधिकारी शामिल हैं। दूसरी टीम में ओम प्रकाश और अंकित को जिम्मेदारी दी गई है, जिनके साथ राजस्व उप निरीक्षक और ग्राम विकास अधिकारी भी जुड़े हैं।

छेनागाढ़ क्षेत्र की निगरानी के लिए अनुज भारद्धाज और रजनीश उप्रेती को भेजा गया है, जबकि उनके साथ भी स्थानीय राजस्व उप निरीक्षक और ग्राम विकास अधिकारी काम कर रहे हैं। इसी तरह स्यूर क्षेत्र में अरुण गुंसाई और संजय बिष्ट की टीम लगी हुई है। उछोला क्षेत्र की देखरेख के लिए सुभाष रावत और सोनु बिष्ट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके साथ भी संबंधित क्षेत्र के अधिकारी तैनात हैं।

DM ने दिए नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश

डीएम ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें। साथ ही विभिन्न परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का तुरंत सर्वेक्षण और आकलन करें। डीएम यह सुनिश्चित करने को कहा है कि नुकसान का विवरण जल्द जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की नियमित रिपोर्ट दी जाएं।

सम्बंधित खबरें