सचिवालय में ही सुरक्षित नहीं महिला अफसर? फोन-मैसेज से तंग आ उपनलकर्मी की कर दी धुनाई

 सरकारी दफ्तरों में महिलाओं की  सुरक्षा को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन जब प्रदेश की सबसे महफ़ूज़ मानी जाने वाली जगह—’सचिवालय’—ही सुरक्षित न रहे, तो सवाल उठना लाज़मी है! देहरादून सचिवालय से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक महिला अनुभाग अधिकारी (Section Officer) को  फोन और मैसेज से परेशान करने वाले उपनल (UPNL) कर्मचारी की जमकर धुनाई हो गई।

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सचिवालय में उपनलकर्मी ने की महिला अफसर की धुनाई

मिली जानकारी के मुताबिक, उपनल के ज़रिए तैनात यह कर्मचारी पिछले कई दिनों से महिला अधिकारी को लगातार फोन और मैसेज करके तंग कर रहा था। महिला अधिकारी चुपचाप सब बर्दाश्त कर रही थीं या शिकायत का इंतज़ार कर रही थीं, लेकिन कर्मचारी की हिम्मत दिन-ब-दिन बढ़ती गई।

हद तो तब हो गई जब सिरफिरा कर्मचारी सीधे महिला अधिकारी के दफ्तर में ही जा घुसा। वहां पहुंचकर उसने न सिर्फ बदतमीज़ी की, बल्कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी करने लगा। फिर क्या था, बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आए लोगों ने कर्मचारी की मौके पर ही जमकर कुटाई कर दी। इस कहासुनी और हंगामे के बाद पूरे सचिवालय परिसर में अफ़रा-तफ़री और हड़कंप का माहौल बन गया।

उपनल कर्मचारी की सेवाएं समाप्त

घटना की गूंज फौरन सचिव सचिवालय प्रशासन के कानों तक पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। आरोपी उपनल कर्मचारी की सेवाएं फौरन समाप्त करने के लिए संबंधित विभाग को चिट्ठी लिख दी गई है। हालांकि, सेवा समाप्ति का आखिरी आदेश और अन्य विभागीय कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

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अब उठ रहे हैं कई कड़े सवाल!

यह घटना सिर्फ एक हंगामा भर नहीं है, बल्कि कई गंभीर सवाल खड़े करती है। मसलन, जब सचिवालय जैसी हाई-सिक्योरिटी वाली जगह पर अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम दफ्तरों में महिलाओं का क्या हाल होगा? अगर महिला अधिकारी को कई दिनों से परेशान किया जा रहा था, तो पहले ही कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? महिलाओं के साथ ऐसी हरकत बर्दाश्त के बाहर है, लेकिन किसी कर्मचारी की पिटाई कर देना भी न्याय का सही तरीका नहीं है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ़ सरकारी विज्ञापनों और कागज़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ऐसे मामलों में तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच ही ऐसी सोच वाले लोगों को सबक सिखा सकती है।

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