कोरंगा का मेयर पर पलटवार, सार्वजनिक रूप से गलत आरोप लगे प्रचार भी जो नही होना चाहिए

हल्द्वानी : दिशा की बैठक में मेयर की और से भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने पर जलागम बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री शंकर कोरंगा ने पलटवार किया है। कोरंगा ने मेयर के दावे को खारिज करते हुए कहा शंकर कोरंगा, उपाध्यक्ष जलागम परिषद जागरण कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर सबसे तगड़ा प्रहार यदि किसी ने किया है तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने किया है। सरकार की जीरो टालरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर अब तक 100 से अधिक लोग जेल भेजे जा चुके हैं। भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने के लिए सरकार कोर्ट में इतनी जोरदार पैरवी कर रही है कि उन्हें जमानत तक नहीं मिल रही है।

ऐसे में सार्वजनिक रूप से इस प्रकार के गलत आरोप लगाना और उसकी वीडियो वायरल करना कतई उचित नहीं है। पार्टी में या प्रदेश में किसी भी आम आदमी को किसी विभाग से शिकायत है तो उसे सीएम पोर्टल पर 1064 नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। शंकर कोरंगा ने कहा कि 1064 पर दर्ज शिकायत को शासन बहुत ही गंभीरता से लेता है। मुख्यमंत्री धामी स्वयं उसकी मानीटरिंग करते हैं। यही वजह है कि धामी सरकार में अब तक 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जेल जा चुके हैं। इतनी पारदर्शी व्यवस्था के बावजूद इस प्रकार के आरोपों का कोई औचित्य नहीं है।

एक मार्च से 30 अप्रैल के बीच पास हुए 185 नक्शे

शंकर कोरंगा ने कहा कि दिशा की बैठक में यह आरोप भी लगाया गया कि प्राधिकरण नक्शा नहीं पास कर रहा है। यह आरोप सरासर बेबुनियाद है। यदि पिछले दो माह (एक मार्च 2025 से 30 अप्रैल 2025) के ही विवरण पर नजर दौड़ाएं तो प्राधिकरण ने छोटे-बड़े 185 भवनों के नक्शे स्वीकृत किए हैं। मुख्यमंत्री का सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी आवेदन का निस्तारण त्वरित गति से होना चाहिए। सभी विभाग उनके निर्देश का पालन भी कर रहे हैं। फिर कहीं किसी को दिक्कत आती है तो सीएम पोर्टल पर शिकायत कर सकता है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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