
प्रायः यह शिकायत प्राप्त हो रही है कि शहर की कबाड की अत्यधित दुकानें खुल रही हैं जिसके कारण उक्त स्थल पर रहने वाले जन सामान्य को अत्यधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। उन दुकानों के कारण अत्यधिक गन्दगी, चोरी, आग लगने का खतरा बना रहता है। जिससे जन सामान्य के बीच में अत्यधिक रोष उत्पन्न हो रहा है। कबाड का व्यवसाय वर्तमान में एक वृहद व्यवसाय का रूप ले चुका है, जिसके कारण रिहायशी इलाकों में कबाड की दुकान के विरूद्ध जनसामान्य में रोष व्याप्त है तथा इस सम्बन्ध में आये दिन कई प्रकार की शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं। जन भावना को दृष्टिगत रखते हुए कबाड की दुकान को शहर से बाहर स्थापित किया जाना आवश्यक हो गया है।
इस सम्बन्ध में मा० बोर्ड द्वारा सर्वसम्मिति से यह स्वीकार किया गया कि रिहायशी क्षेत्रों में सभी कबाड की दुकानों को बंद कर शहर के बाहर खोलने के निर्देश दिये गये और भविष्य में कोई भी कबाड की दुकान नगर क्षेत्र में नहीं खोले जाने के निर्देश दिये गये।
अतः बोर्ड में पारित प्रस्ताव के अनुपालन में तत्काल प्रभाव से सभी कबाड की दुकानों को आबादी क्षेत्र से बन्द करवाने की कार्यवाही अमल में लाया जाना सुनिश्चित करें तथा इन आदेशों के अनुपालन न करने वाले के विरूद्ध नगर निगम अधिनियम 1959 की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही सुनिश्चित करें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।


