
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (bktc) के अस्थायी कर्मचारियों की वन टाइम सेटलमेंट सहित विभिन्न मांगों का उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने समर्थन किया है। महापंचायत ने कहा कि विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर वर्षों से सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के प्रति मंदिर समिति प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए।
अस्थायी कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में उतरे तीर्थ पुरोहित
उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने कहा कि मंदिर समिति में अनेक कर्मचारी लंबे समय से अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मचारी समय-समय पर नियमितीकरण की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक सभी कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
नक्शेदेखें
डॉ. सती ने कहा कि कुछ कर्मचारियों को पांच से दस वर्ष की सेवा के बाद नियमित कर दिया गया, जबकि कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें वर्ष 1992 से 2000 के बीच अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया था। इसके बावजूद वे आज तक नियमित नहीं हो पाए हैं। उन्होंने अस्थाई कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता जताई।
महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने कहा कि बदरीनाथ, केदारनाथ, ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर, ऊखीमठ सहित अन्य स्थानों पर कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे सांकेतिक धरना-प्रदर्शन का महापंचायत समर्थन करती है।
ये है मांगें
महापंचायत ने मंदिर समिति प्रशासन से मांग की कि कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके लिए वन टाइम सेटलमेंट की व्यवस्था लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन देने और कर्मचारियों को जीवन बीमा का लाभ उपलब्ध कराने सहित अन्य न्यायोचित मांगों को जल्द पूरा किया जाए

