
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद विपक्ष और अंकिता के परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवालों ने इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
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अंकिता भंडारी मामले पर सीएम धामी का कांग्रेस पर हमला
दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता के धरने से लेकर कांग्रेस के विरोध तक, इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी हो रही है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह अंकिता भंडारी के नाम पर राजनीति कर रही है। सीएम धामी ने कहा ‘अंकिता भंडारी मामले में ठोस कानूनी कार्रवाई करने का काम हमारी सरकार ने किया है।
अंकिता के माता-पिता को BJP विधायक ने बताया जायज
वहीं, भाजपा विधायक विनोद चमोली ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंकिता भंडारी केवल एक परिवार की बेटी नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटी है। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता जिस पीड़ा से गुजर रहे हैं, उसे समझा जा सकता है और उनका दुख जायज है।
मामले में CBI जांच जारी: चमोली
हालांकि, चमोली ने कहा कि मामले में सीबीआई जांच जारी है, इसलिए जांच के नतीजे का इंतजार करना चाहिए और सरकार पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अंकिता हत्याकांड में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में सरकार के प्रयासों की भूमिका रही है। चमोली ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि किसी की भावनाओं का राजनीतिकरण करना उचित नहीं है।
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भट्ट ने राहुल-प्रियंका पर बोला तीखा हमला
वहीं मामले पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भी बयान सामने आया है। भट्ट ने तीखा बयान जारी करते हुए कांग्रेस पर महिला अपराधों के नाम पर घिनौनी और पाखंडी राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। भट्ट ने कहा कि राहुल और प्रियंका गांधी एक तरफ तो देवभूमि की इस बेटी की दुखद मौत पर राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अपने करीबी और यौन शोषण के आरोपी एक प्रोफेसर सांसद को संरक्षण दे रहे हैं।
जांच की प्रगति को लेकर बना हुआ है संशय: यशपाल आर्य
दूसरी तरह नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने धामी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक निर्दोष बेटी की हत्या के बाद उसके माता-पिता पिछले चार साल से लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें पूरा न्याय मिलने का इंतजार है। यशपाल आर्य ने मुख्य रूप से मामले में उस ‘VIP’ की भूमिका का मुद्दा उठाया, जिसके नाम को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने के बजाय, ऐसे व्यक्ति को राज्यपाल बनाए जाने से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता के भारी दबाव के बाद सरकार को सीबीआई जांच के आदेश देने पड़े, लेकिन वर्तमान में उस जांच की प्रगति को लेकर भी संशय बना हुआ है। उन्होंने राहुल गांधी की अंकिता के माता-पिता से हुई मुलाकात का हवाला देते हुए दोहराया कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और न्याय की इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी। साथ ही, उन्होंने दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी कड़ी निंदा की है।
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इंडिया गेट पर धरने से बढ़ा विवाद
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। परिवार की मांग है कि जब तक कथित वीआईपी एंगल से जुड़ी सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दिया अपना समर्थन
धरने के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी अंकिता के माता-पिता के समर्थन में पहुंचे। इसके बाद गुरुवार तड़के दिल्ली पुलिस ने धरना खत्म कराते हुए अंकिता के माता-पिता को हिरासत में ले लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद परिवार ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी

