डीएम चमोली ने 3 निराश्रित बच्चों के लिए किया बड़ा काम

3 निराश्रित बच्चों को अब मिलेंगे 8000 प्रतिमाह

चमोली the misail

Khainuri siblings to get Rs 8000 monthly scholarship

कई बार सरकारी योजनाएं वास्तविक पात्रों तक नहीं पहुंच पाती है तथा इन पात्रों को दर दर की ठोकने खानी पड़ती है ऐसा ही एक मामला चमोली जिले की दशोली विकासखंड स्थित खैनुरी गांव का सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया कि गांव के तीन बच्चे बिल्कुल निराश्रित है तथा 16 वर्षीय संजना को अपने साथ अपने दो भाई बहनों का लालन पालन भी करना पड़ रहा है जो कि सिर्फ दसवीं कक्षा की छात्रा है।

ऐसे ही यह मामला जब जिलाधिकारी संदीप तिवारी के सामने आया तो उन्होंने प्रशासन की टीम को गांव का दौरा कर वास्तविक स्थिति अवगत कराने के निर्देश दिए इसके बाद प्रशासनिक टीम वहां पहुंची और उन्होंने इन तीनों निरक्षित बच्चों के बारे में जानकारी जुटा इसके बाद जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने इन्हें सरकार की ओर से संचालित सहायता से जोड़ दिया। इसके बाद अब इन बच्चों के सामने उनके जीवन का अंधेरा कम होने की उम्मीद बढ़ गई है अब उन्हें प्रतिमाह ₹8000 सरकार की ओर से मिलेंगे जिसे वह अपनी पढ़ाई और भरण पोषण में खर्च कर सकेंगे।

चमोली ज़िले के दशोली विकासखंड स्थित खैनूरी गाँव निवासी 16 वर्षीय संजना की माँ का देहांत तब हो चुका था जब वह बहुत छोटी थी।

संजना के साथ ही उसकी 14 साल की बहन साक्षी और 10 साल के भाई आयुष की जिम्मेदारियों का बोझ उसके पिता पर था। बीते अक्टूबर में संजना के पिता नैन सिंह का भी बीमारी के चलते निधन हो गया और तीनों भाई बहिन अनाथ हो गये।

पिता की मौत के बाद प्राइमरी स्कूल की चौथी क्लास में अध्यनरत छोटे भाई और कक्षा 9 में पढने वाली बहन के भरण पोषण की जिम्मेदारी उस संजना पर आ गई, जो अभी खुद गांव के सरकारी इंटर कालेज में दसवीं की छात्रा है।


चमोली के डीएम संदीप तिवारी ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए रविवार को ही प्रशासन की टीम बच्चो का हालचाल जानने के लिए खैनूरी गांव भेजी। तहसील प्रशासन की टीम वहां पहुंचकर टीम ने बच्चों का हाल जानने के साथ बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों की काउंसलिंग भी की गई।

टीम के द्वारा बच्चों को गांव की ही एक दादी के साथ रखने पर सहमति बनाई गई। बच्चों को सरकार द्वारा दी जाने वाली स्पॉन्सरशिप सहायता के लिए तहसीलदार को आय प्रमाण पत्र और संजना के माता पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र जल्द बनाए जाने को लेकर डीएम के द्वारा निर्देशित किया गया। जिसके बाद बच्चों को सरकार की स्पॉन्सरशिप सहायता से जोड़ दिया जाएगा, जिसमें दो बच्चों को प्रतिमाह कुल 8000 की धनराशि भरण पोषण हेतु बाल विकास विभाग द्वारा दी जाएगी।

दशोली विकासखंड स्थित खैनूरी गांव के तीन निराश्रित भाई बहनों की दुखभरी कहानी सोशल मीडिया पर दिखाई गई थी। सोशल मीडिया पर चमोली के तीन भाई बहनों की दुखद कहानी पर लोगों ने बढ़-चढ़कर भावुक कमेंट किए थे। अब, जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने धनोरी गांव के बेसहारा भाई बहनों को छात्रवृत्ति देने की सुखद पहल की है।

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