मां ने बेटी का मुंह दबाया और भाई ने चाकू से हमला कर बहन को मौत के घाट उतारा, पिता की शिकायत पर केस दर्ज,फिर……..

गुजरात के भावनगर में एक युवती की उसी की मां और भाई ने मिलकर हत्या कर दी। युवती के प्रेम प्रसंग से उसकी मां और भाई नाराज चल रहे थे। फिलहाल पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

मां और भाई ने मिलकर की युवती की हत्या। - India TV Hindi
मां और भाई ने मिलकर की युवती की हत्या।

भावनगर के पास भीकाड़ा गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने अपने के साथ मिलकर अपनी ही बेटी की हत्या कर दी। मां लगातार बेटी के प्रेम संबंध का विरोध कर रही थी, जबकि बेटी अपनी बात पर टिकी हुई थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी बीच मां ने बेटे की मदद से बेटी की हत्या कर दी। इतना ही नहीं सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को एक खाली चेकडैम में फेंक दिया। पिता को जब इस घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रेम संबंध से नाराज थे मां-भाई

वरतेज पुलिस स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक लड़की के पिता हिम्मतभाई सरवैया भीकड़ा गांव में रहते हैं और पेशे से मजदूर हैं। उन्होंने पुलिस को की गई शिकायत में बताया कि करीब एक साल पहले उनकी 22 वर्षीय बेटी पारुल को उसके भाई प्रकाश ने इंस्टाग्राम पर किसी लड़के से बात करते हुए पकड़ लिया था। प्रेम विवाह की जिद के कारण अक्सर झगड़े होते थे, जिससे बेटी पारुल से उसकी मां दयाबेन और भाई प्रकाश नाराज हो गए। दोनों ने पारुल को युवक से बात न करने के लिए कहा। हालांकि, पारुल युवक से शादी करने की जिद पर अड़ी रही।

दोनों ने मिलकर की हत्या

बीते 18 अक्टूबर को मां ने पारुल को बात करते हुए पकड़ लिया था। इसके बाद मां ने बेटे प्रकाश को फोन करके घर बुलाया। इसके बाद दोनों ने पारुल को काफी समझाने की कोशिश की। इस पर पारुल ने उनकी एक न सुनी और विवेक के साथ भागकर शादी करने की धमकी दी। इसी दौरान गुस्से में मां ने पारुल को पकड़ लिया और उसके मुंह पर हाथ रख दिया। वहीं भाई ने बहन पारुल के गले और शरीर पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया। उसे बचाने की कोशिश में पारुल की हथेली और कोहनी पर भी चाकू के वार लगे। ज्यादा खून बहने से पारुल की मौके पर ही मौत हो गई। 

शव को प्लास्टिक में लपेटकर फेंका

घटना के बाद मां-बेटे ने पारुल के शव को प्लास्टिक शीट में लपेटकर कुएं के पास आम के पेड़ में लगे धोरिया में छिपा दिया। हत्या में इस्तेमाल चाकू कहीं और फेंक दिया। इसके अलावा खून से सने सभी कपड़े जला दिए। पारुल के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अगले दिन 19 अक्टूबर को, चेकडैम के पास एक खेत के मालिक ने मृतका के पिता को बताया कि उन्होंने चेकडैम में लड़की का जला हुआ शव देखा है। हिम्मतभाई ने बेटी की पहचान की और पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने मौत को आकस्मिक मृत्यु घोषित कर दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया।

पिता की शिकायत पर केस दर्ज

बेटी के अंतिम संस्कार के बाद पिता को शक हुआ। उन्होंने अपनी पत्नी दयाबेन से पूछताछ की तब हत्या का पूरा सच सामने आया। दयाबेन और बेटे प्रकाश ने अपनी गलती स्वीकार की और अपने पिता से मदद मांगी, लेकिन पिता ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसके पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मृतक पारुल की मां दयाबेन और भाई प्रकाश के खिलाफ हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की है। 

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