अब महेंद्र भट्ट बोले—’कांग्रेस के कुनबे से टूटकर बहुत से नेता भाजपा में आने वाले हैं, हो रही है समीक्षा

'Many leaders from the Congress are set to join the BJP': Mahendra Bhatt

उत्तराखंड की सियासत में चुनावी सरगर्मियों के बीच  राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जल्द ही कांग्रेस समेत अन्य दलों के कई बड़े चेहरे भाजपा का दामन थाम सकते हैं, जिसको लेकर पार्टी स्तर पर गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।

नक्शेदेखें

‘कांग्रेस के बचे-खुचे कुनबे से टूटकर लोग भाजपा में आएंगे’

कांग्रेस के भाजपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के दावों पर कड़ा तंज कसते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि चुनाव वर्ष में आकांक्षी और महत्वाकांक्षी नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने कहा, “जो पार्टी छोड़कर चला जाता है, उस पर भाजपा को बहुत अधिक टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यह सच्चाई कांग्रेस भी अच्छी तरह जानती है कि उनके बचे-खुचे कुनबे से भी कई लोग टूटने वाले हैं।” भट्ट ने आगे बताया कि भाजपा बहुत सोच-समझकर और गंभीरता से विचार कर रही है कि किसे पार्टी में शामिल करना है और किसे नहीं। उन्होंने भरोसा जताया कि बहुत जल्द भाजपा का एक नया और विस्तारित स्वरूप सभी के सामने होगा।

त्रिवेंद्र सिंह रावत के ‘रावण के कद’ वाले बयान पर सफाई

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने हर साल भ्रष्टाचार के बढ़ने के साथ रावण का कद बढ़ने की बात कही थी, महेंद्र भट्ट ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम के बयान को सही संदर्भ में समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा “उनका कहने का भाव वैसा नहीं है जैसा मीडिया में दिख रहा है। उनका आशय था कि रावण जलने में ही अच्छा लगता है, कद में बड़ा होने में नहीं। रावण का कद हमेशा छोटा ही होना चाहिए। उन्होंने केवल दशहरा रामलीला कमेटियों से अपील की है कि रावण का पुतला छोटा रखा जाए।”

स्थानीयपरमिट लें

कांग्रेस की न्याय यात्रा और घेराव पर करारा हमला

कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ और विधानसभा घेराव के ऐलान पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे राजनीतिक नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता बीते पांच सालों से कांग्रेस के ऐसे ड्रामे देख-देखकर बोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान विधानसभा कार्यकाल का आखिरी सत्र है, इसलिए विपक्ष को सदन के भीतर जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है और सदन को अव्यवस्थित करना ही उनका एकमात्र मकसद रह गया है। जनता  सरकार के कामों से खुश है और कांग्रेस के झूठ व प्रपंच का सरकार पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad

सम्बंधित खबरें