सड़कों पर उतरे अंकिता भंडारी के परिजन, पत्रकार की गिरफ्तारी पर जताया आक्रोश

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में अंकिता के परिजन कई दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए थे। अंकिता के परिजनों का आंदोलन अब उग्र होता जा रहा है।

पत्रकार की गिरफ्तारी मामले में किया आक्रोश व्यक्त
मंगलवार को अंकिता के परिजन सैकड़ों लोगों के साथ एकत्रित होकर सरकार का पुतला दहन किया। इसके साथ ही उन्होंने अंकिता भंडारी मर्डर केस को प्रमुखता से उठाने वाले पत्रकार की गिरफ्तारी मामले में आक्रोश व्यक्त किया।

अंकिता के परिजनों ने किया सरकार का पुतला दहन
बता दें अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए अंकिता के परिजनों का साथ दे रहे पत्रकार को एससी-एसटी एक्ट में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसके बाद अंकिता भंडारी के परिजनों और श्रीनगर के लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है। अंकिता भंडारी के परिजनों और श्रीनगर की जनता ने धामी सरकार का पुतला दहन किया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़प
मंगलवार को पीपलचोरी के पास एनएच 58 पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं शांति व्यवस्था बनाने के लिए पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।

परिजनों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
अंकिता के परिजनों ने साफ किया है कि अगर पत्रकार को रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा कि उनका साथ देने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सरकार दबाने का प्रयास कर रही है। इसके साथ सरकार वीआईपी को लेकर भी कोई जांच नहीं कर रही है।

पत्रकार आशुतोष नेगी को क्यों किया गिरफ्तार
पत्रकार आशुतोष नेगी समेत चार अन्य लोगों पार आरोप थे कि उन्होंने एक व्यक्ति के लिए जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया था। जिस पर शिकायतकर्ता ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आशुतोष नेगी और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और कोर्ट के फैसले के बाद दोनों को जेल भेजा दिया।

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