
हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में एक बड़ा गैंग सक्रिय है, जो नेताओं और उनके परिवारों के फोन टैप कर रहा है। सुमित हृदयेश ने अपनी गाड़ी का एक्सीडेंट कराए जाने की आशंका भी जताई है।
इस दौरान भावुक हुए विधायक ने रोते हुए कहा कि उनका जीवन खतरे में है और उन्हें न्याय चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने गैरसैंण विधानसभा सत्र में आत्मदाह करने तक की बात कह दी।
कांग्रेस विधायक का आरोप, कहा उनका फोन टैप हो रहा
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के इन आरोपों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। विधायक का दावा है कि उनके पूरे परिवार के फोन टैप किए जा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के जरिए उनकी फर्जी कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो बनाकर वायरल किए जा सकते हैं।
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बीते साल शिकायत भी की
सुमित हृदयेश ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2025 में तत्कालीन मामले को लेकर एसएसपी को लिखित शिकायत दी थी। मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में शिकायत की थी। विधायक ने आरोप लगाया कि इस कथित गैंग में निजी क्षेत्र से जुड़े कुछ लोग और प्रभावशाली व्यक्ति भी शामिल हैं।
उनके खिलाफ रची जा सकती है साजिश
उन्होंने आशंका जताई कि उनके खिलाफ किसी भी समय साजिश रची जा सकती है भावुक होते हुए सुमित हृदयेश ने कहा कि उन्हें और उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसलिए उन्हें न्याय और सुरक्षा दी जाए इस दौरान रामनगर के संजय नेगी और बाजपुर के सोनू शर्मा भी मौजूद रहे।
सुमित हृदयेश ने यहां तक कहा कि अगर संजय नेगी और सोनू शर्मा को कांग्रेस में शामिल करा दिया जाए, तो वो अपनी विधायकी छोड़ने को तैयार हैं। अब सवाल यह है कि विधायक की ओर से लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर सरकार और पुलिस क्या कदम उठाती हैं और मामले की जांच में क्या सामने आता है।
हरीश रावत समर्थन में उतरे
इसी मामले को लेकर अब हरीश रावत भी उनके समर्थन में खड़े हो गए है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट जारी कर लिखा, “सुमित हृदयेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जो कुछ समाचार पत्रों में छपा है, वो अत्यधिक चिंताजनक है। साइबर क्राइम के कुछ एक्सपर्ट्स उनको ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं।
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मैंने 2016 में इस राज्य के लोगों से कहा था कि ब्लैकमेलर और सांप, दोनों में से पहले ब्लैकमेलर को मारना आवश्यक होता है, वह सांप से भी ज्यादा खतरनाक होता है। लोगों ने मेरी व्यक्तिगत व्यथा समझी है। लेकिन अब धीरे-धीरे इस छोटे राज्य में इस तरीके की ब्लैकमेलिंग एक बड़ी व्यथा के रूप में उभर रही है।”
पोस्ट कर कहा, “सुमित मैं आपके साथ हूं…”
आगे उन्होंने लिखा, “जरा त्रिवेंद्र सिंह जी से पूछिए, किस त्रासदी से वो गुजरे हैं और भी कुछ लोग हैं, जो किसी कारणवश अपना मुंह बंद रखते हैं। मगर उनको किस त्रासदी का सामना करना पड़ा है। छोटा राज्य है। यदि चार-छह भी इस तरीके के साइबर क्राइम एक्सपर्ट, ब्लैकमेलर राज्य में ऑपरेट करने लग जाएंगे, तो राज्य की राजनीतिक स्थिरता और शांति दोनों खतरे में पड़ जाएंगे। इसलिए सुमित हृदयेश के दर्द को दर्दे जहां समझकर राज्य के सभी लोगों को एकजुट होकर उस नौजवान को भरोसा देना चाहिए कि हम आपके साथ हैं। सुमित मैं आपके साथ हूं। आप बहादुरी से लड़िए। खड़े रहिए। हम आपका साथ देंगे।

