3 बच्चों की मां ने ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाया नाबालिग रेप केस से डराकर रचाया तीसरा निकाह

लखनऊ में 55 साल की महिला ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़के को झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर शादी की। मामला ब्लैकमेलिंग, बाल शोषण और पुरुष पीड़न का चौंकाने वाला उदाहरण है। पूरी जानकारी पढ़ें।

लखनऊ में 3 बच्चों की मां ने ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाया नाबालिग रेप केस से डराकर रचाया तीसरा निकाह

Lucknow News: लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समूचे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। लखनऊ में 55 साल की महिला ने 17 साल के नाबालिग लड़के को झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर शादी के लिए मजबूर कर दिया। पीड़ित के अनुसार, महिला पहले से दो निकाह कर चुकी थी और तीन बच्चों की मां थी। पीड़ित युवक जीशान उस समय परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए कैटरिंग का काम करता था। इसी दौरान महिला से मुलाकात हुई और वह ब्लैकमेलिंग के जाल में फंस गया। 7 साल बाद अब युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि महिला और उसके परिवार वाले उसे लगातार धमकाते हैं। यह घटना सिर्फ एक निजी विवाद नहीं, बल्कि नाबालिग लड़कों के शोषण का चौंकाने वाला चेहरा बनकर उभरी है।

कैटरिंग साइट से शुरू हुआ शोषण का सिलसिला, 55 साल की महिला के जाल में फंसा नाबालिग

लखनऊ के सआदतगंज के रहने वाले जीशान अंसारी का कहना है कि जब वह 17 साल का था, तब 55 साल की बेबी नाम की महिला से मुलाकात हुई। पिता की मौत के बाद वह कैटरिंग में काम कर परिवार का पेट पालता था। काम के दौरान महिला से बातचीत हुई और उसने धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ाईं। जीशान का आरोप है कि महिला उसे अपने घर बुलाने लगी और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ महीनों बाद उसने झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी दी और नोटरी पर साइन करवाकर शादी कर ली। उस वक्त जीशान नाबालिग था और उसकी मंशा समझ नहीं पाया। महिला पहले से दो शादियां कर चुकी थी और तीन बच्चों की मां थी।

परिवार से अलग कर बनाया ‘क़ैदी’, जेल भिजवाने की धमकी देती थी महिला

शादी के बाद बेबी ने जीशान का जीवन पूरी तरह बदल दिया। उसने परिवार से मिलने तक पर रोक लगा दी। युवक ने बताया कि मां और छोटे भाई से बात करने पर वह झगड़ा करती, गाली देती और धमकी देती कि अगर विरोध किया तो जेल भिजवा दूंगी। धीरे-धीरे जीशान को परिवार और समाज से अलग-थलग कर दिया गया। महिला के बच्चे, जो उम्र में उससे बड़े थे, आए दिन झगड़े और मारपीट करते थे। जीशान का कहना है कि छह साल तक उसने अत्याचार सहा। घर में गाली-गलौज, झूठे केस की धमकी और पुलिस की दखल जैसी घटनाएं आम हो गईं। तंग आकर पांच महीने पहले उसने अलग कमरा लेकर रहना शुरू किया।

पीड़ित को रोककर महिला के बेटे और दामाद ने की मारपीट

पीड़ित के अनुसार, वह बीते 6 अक्टूबर की शाम जीशान अंबरगंज इलाके में जा रहा था, तभी बेबी का बेटा फैसल और दामाद सद्दाम वहां पहुंचे और पीड़ित बाइक की चाबी छीनकर मारपीट करने लगे। हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं। उसने सआदतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इंस्पेक्टर संतोष आर्या के अनुसार, महिला के बेटे की शादी होने वाली है और इसी कारण परिवार में विवाद हुआ। बेबी और जीशान के रिश्ते को लेकर आसपास चर्चा बढ़ी, जिससे झगड़ा हुआ। पीड़ित से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी दोनों पक्षों में समझौता हुआ था लेकिन महिला का परिवार झगड़ा खत्म करने को तैयार नहीं है।

महिला द्वारा नाबालिग के शोषण पर उठे सवाल

बताते चलें कि यह मामला समाज के उस पहलू को उजागर करता है, जहां नाबालिग लड़के भी ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण के शिकार बन रहे हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में आरोपी पुरुष होते हैं, लेकिन यह केस महिला अपराध की नई मिसाल बन गया है। जीशान का कहना है कि अब वह इस रिश्ते से छुटकारा और न्याय चाहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नाबालिगों पर दबाव बनाकर शादी कराना बाल विवाह और शोषण दोनों की श्रेणी में आता है। यह मामला कानून व्यवस्था से लेकर समाज में “पुरुष पीड़ितों” की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है, लेकिन यह कहानी समाज को नई चेतावनी दे रही है- शोषण सिर्फ एक लिंग तक सीमित नहीं।

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