यूकेडी ने गैरसैण विरोधी पार्टियों को इस तरह से दिखाया आईना

ठंड के बीच गार्गी नदी में झंडों के साथ किया प्रदर्शन

हलदानी the misaile news
उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय दलों को आईना दिखाते हुए गार्गी नदी में स्नान करके दिखाया कि पहाड़ी लोगों को ठंड नहीं लगती है आज पूरे दिन भर जहां बादल छाए रहे वही ठंडी हवाओं के बीच उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता केंद्रीय महामंत्री सुशील उनियाल के नेतृत्व में गार्गी नदी में गए जहां उन्हें अर्धनग्न होकर स्नान किया तथा राष्ट्रीय दलों को आईना दिखाते हुए कहा कि पहाड़ का आदमी हमेशा लो टेंपरेचर में रहता है इसलिए उसे कभी भी ठंड नहीं लगती है जबकि राष्ट्रीय दल दिल्ली से पोषित होते हैं इसलिए उन्हें दिल्ली के लोगों जैसी ही ठंड लगती है।

सुशील उनियाल ने कहा कि जनता के 500 करोड़ से अधिक के लागत से गैरसैण में भव्य विधानसभा भवन बनाया गया है जहां पर विधानसभा का सत्र नहीं लगाया जाता है जिसकी वजह से प्रदेश के टैक्स दाताओं का पैसा बेफिजूल खर्च किया गया यहां पर विधायक विधानसभा सत्र में भागीदारी करने से कतरा रहे हैं ।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दिल्ली और नागपुर से संचालित होती है इसलिए उन्हें दिल्ली और नागपुर जैसे लोगों के समान ही ठंड लगती है जबकि उत्तराखंड क्रांति दल के लोग पहाड़ में रहते हैं और उन्हें ठंड नहीं लगती है ठंड से डर कर वह यहां के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और पार्वतीय राज्य के अवधारणा को अपने राष्ट्रीय नेताओं के इशारे पर चकनाचूर कर रहे हैं।

शीतकालीन सत्र गैरसैंण में न कराए जाने पर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रानीबाग में गौला नदी में स्नान कर विरोध जताया।

केंद्रीय महामंत्री सुशील उनियाल ने कहा कि गैरसैंण शीतकालीन सत्र चलाने की बात पर विधायकों को ठंड लग जाती है। कहा कि गौला नदी में स्नान कर उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों को आईना दिखाने का काम किया है।

जब पहाड़ के विधायकों को ही गैरसैंण मैं ठंड लग रही है तो ऐसे विधायक अपने क्षेत्र का कैसे भला कर पाएंगे।
बता दें कि अधिकांश विधायक ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में बजट सत्र आयोजित कराने के पक्ष में नहीं थे।

करीब 7841 फीट की ऊंचाई पर स्थित भराड़ीसैंण की कंपकंपा देने वाली ठंड ने ज्यादातर विधायकों के इरादों को ठंडा कर दिया था। यही वजह थी कि 40 से अधिक विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को पत्र लिखकर बजट सत्र का आयोजन देहरादून में कराने का अनुरोध किया था। यहां विरोध जताने वालों में इरफान, करन जोशी, विनायक वर्मा आदि शामिल रहे।

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