पिथौरागढ़ में हेली सेवा का विरोध तेज, सड़कों पर उतरे लोग, चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी

सीमांत जिले पिथौरागढ़ में हेली सेवा का विरोध तेज हो गया है। हेली सेवा के विरोध में लोग गुरूवार को सड़कों पर उतरे और इसके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों में सरकार के इस फैसले के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने लोकसभा चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।

पिथौरागढ़ के धारचूला में सरकार के द्वारा ओम पर्वत व आदि कैलाश के दर्शन हेलीकॉप्टर से कराए जाने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले के बाद से लोग नाराज हैं और इसका विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को व्यास जनजाति संघर्ष समिति के आह्वान पर दारमा, चौदास व व्यास घाटी के सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध में रैली निकाली। लोगों ने हेली सेवा के विरोध में नगर के पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ गांधी चौक, अटल चौक, मल्ली बाजार, घटधार, तहसील रोड में पर्यटन विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

स्थानीय लोगों के हित हो रहे हैं प्रभावित
रैली के बाद सभी ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर जनसभा की। पिथौरागढ़ के लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से स्थानीय लोगों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि ग्रामीणों ने लाखों रुपए का लोन लेकर क्षेत्र में होमस्टे आदि का निर्माण किया है और वाहन लिए हैं। लेकिन सरकार अब हेली सेवा शुरू करने की बात कह रही है। अगर ऐसा होता है तो सभी की मुश्किल बढ़ जाएंगी।

संसाधनों को पर्यावरण अनुकूल करना होगा विकसित
व्यास जनजाति संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजन सिंह नबियाल का कहना है कि पर्यटन विभाग के द्वारा हेली सेवा से आदि कैलाश, ओम पर्वत दर्शन करना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। क्षेत्र में पर्यटन संबंधी सभी संसाधनों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित करना होगा।

चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी
व्यास जनजाति संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र में लगातार हेली सेवा के कारण उच्च क्षेत्र में पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने फैसले को वापस नहीं लेती है तो तीनों घाटियों के दर्जनों गांवों में लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।

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