गलत समझा जा रहा है वीडियो!’ महिला की छाती पकडने वाले विवादित वीडियो पर पुलिस का खुलासा

मुंबई में NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया। पुलिस कार्रवाई, मॉडल आहिर की भूमिका और मुंबई पुलिस की आधिकारिक सफाई के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है।

The video is being misinterpreted! Mumbai Police clarifies the controversial video showing a womans chest being grabbed

मुंबई में 22 और 23 जुलाई को छात्रों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा से जुड़ी खामियों के मामलों में जल्द न्याय की मांग की। इस दौरान प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दी और पूरे घटनाक्रम को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

इसी दौरान सामने आए एक अन्य विवादित वीडियो में सादे कपड़ों में मौजूद एक पुलिसकर्मी पुरुष प्रदर्शनकारी को नियंत्रित करने की कोशिश के दौरान एक महिला के सीने को पकड़ता हुआ दिखाई देने का दावा किया गया। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और भीड़ नियंत्रण की प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई।

हालांकि, मुंबई पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि वीडियो की गलत व्याख्या की जा रही है। पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान संबंधित अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ने का प्रयास कर रहा था। उसी समय एक महिला अनजाने में उनके बीच आ गई, जबकि अधिकारी का ध्यान दूसरी दिशा में था।

मुंबई पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “इस घटना की गैर-जिम्मेदाराना तरीके से गलत व्याख्या की जा रही है। कानून-व्यवस्था संभालने के दौरान अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ने की कोशिश कर रहा था, तभी एक महिला अनजाने में बीच में आ गई, जबकि अधिकारी दूसरी ओर देख रहा था। सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों से अपेक्षा की जाती है कि वे किसी वीडियो के आधार पर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों का सत्यापन करें। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी तथ्यों का सत्यापन किया है और वीडियो का बारीकी से परीक्षण कर तथ्य सामने रखे हैं।”

वायरल वीडियो में मॉडल आहिर के साहसिक रुख को लेकर भी चर्चा हुई। वीडियो के अनुसार, उनके हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों को रिहा किया गया। इसी दौरान एक अन्य वीडियो में एक निलंबित अधिकारी कथित तौर पर दोबारा प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ मादक पदार्थ रखकर फंसाने की धमकी देता हुआ दिखाई दिया।

पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस की भीड़ नियंत्रण की कार्यप्रणाली और वायरल वीडियो की व्याख्या को लेकर बहस लगातार जारी है। वहीं, मुंबई पुलिस का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर वीडियो का सूक्ष्मता से आकलन किया है और उसी के आधार पर अपना पक्ष सार्वजनिक किया है।

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