इस्तीफे के बाद किस-किस का खेल बिगाड़ेंगे Ram Sharan Nautiyal?

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मशहूर बॉलीवुड पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल के पिता और जौनसार-बावर क्षेत्र के कद्दावर नेता राम शरण नौटियाल (Ram Sharan Nautiyal Resignation) द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से इस्तीफा दिए जाने के बाद उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। अब सवाल ये है कि आखिर वो किस-किस का खेल बिगाड़ेंगे?

राम शरण नौटियाल ने बीजेपी से दिया इस्तीफा Ram Sharan Nautiyal Resignation BJP Uttarakhand

दरअसल 12 साल तक बीजेपी में रहने के बाद उनके इस कदम ने पछवादून और चकराता-विकासनगर क्षेत्र के  राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह गर्मा दिया है। राम शरण नौटियाल ने पार्टी में “सम्मान न मिलने” और अंदरूनी खींचतान को अपने इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है। उन्होंने बयान दिया कि जहां अनुशासन न हो और वरिष्ठ नेताओं का अनादर हो, वहां रहने का कोई औचित्य नहीं बनता।

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ईमेल के जरिए भेजा अपना इस्तीफा

बता दें कि वर्ष 2022 में चकराता सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने (और दूसरे स्थान पर रहने) के बाद से ही स्थानीय संगठन और नेताओं के साथ उनके मतभेदों की खबरें आ रही थीं। हालांकि बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने शुरुआती दौर में आधिकारिक पत्र न मिलने की बात कही थी। लेकिन नौटियाल ने साफ किया कि उन्होंने ईमेल के जरिए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

कांग्रेस में ‘घर वापसी’ या नए सियासी दांव की तैयारी?

देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और जौनसार-बावर क्षेत्र में मजबूत जनाधार होने के कारण, वह निर्दलीय या किसी अन्य क्षेत्रीय विकल्प के जरिए व यमुनोत्री बेल्ट व जौनसार क्षेत्र के चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। इसी वजह से सियासी हलकों में राम शरण नौटियाल के अगले कदम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

कांग्रेस से की थी राजनीतिक सफर की शुरुआत

पहला तो यह कि नौटियाल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और वह उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2014 में वह बीजेपी में शामिल हुए थे। चर्चा है कि वह दोबारा कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। यदि वह कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो आगामी विधानसभा चुनावों में पछवादून (विकासनगर) या चकराता या सहसपुर सीट से ताल ठोक सकते हैं। ऐसे में इन सीटों से कांग्रेस के टिकट दावेदारों के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है।

आधा दर्जन सीटों पर खेल खराब करेगा बॉबी पंवार का साथ

यही नहीं चर्चा तो उनकी बॉबी पंवार के साथ आ जाने की भी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में पहली बार टिहरी संसदीय क्षेत्र से मैदान में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के परचम तले उतरे बॉबी पंवार को कुल 2,05,307 वोट मिले थे और वे दूसरे स्थान पर रहे थे।

बॉबी पंवार ने उत्तरकाशी जिले की तीनों विधानसभाओं पुरोला, यमुनोत्री, गंगोत्री भाजपा और कांग्रेस पछाड़कर बढ़त हासिल की थी। साथ ही उन्हे जौनसार-बावर (चकराता) क्षेत्र में भारी जनसमर्थन मिला था। ऐसे में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा को अगर नौटियाल का साथ मिल जाता है तो कम से कम छह से सात विधानसभा क्षेत्रों में कई का खेल खराब हो सकता है

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नई पारी के ऐलान पर टिकी सबकी निगाहें

विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राम शरण नौटियाल का भाजपा से अलग होना चकराता और आसपास के इलाकों में पार्टी के लिए झटके के तौर पर देखा ही जा रहा है। साफ है कि उनका अगला कदम जौनसार-बावर और पछवादून क्षेत्र यहां तक कि यमुनोत्री क्षेत्र की  राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें राम शरण नौटियाल के आधिकारिक तौर पर अपनी नई राजनीतिक पारी के ऐलान पर टिकी हैं।

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