आजाद अधिकार सेना का बरेली में बड़ा दांव: पूर्व सांसद प्रत्याशी लईक मंसूरी के पुत्र लादेन मंसूरी बने जिलाध्यक्ष, समर्थकों में भारी उत्साह

बरेली।उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ मुखर आवाज बन रही ‘आजाद अधिकार सेना’ ने बरेली जिले में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व तेजतर्रार आईपीएस (आईजी) अमिताभ ठाकुर ने संगठन का विस्तार करते हुए मीरगंज तहसील के ग्राम पैगानगरी निवासी युवा और तेजतर्रार नेता लादेन मंसूरी को बरेली जिले का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है।

लादेन मंसूरी जिले के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद एवं विधायक प्रत्याशी रह चुके लईक मंसूरी के पुत्र हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नियुक्ति से आजाद अधिकार सेना को बरेली और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में एक मजबूत जनाधार मिलेगा और संगठन का कुनबा तेजी से बढ़ेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का जताया आभार, कहा- “जनता की आवाज बनूंगा”
अपनी नियुक्ति का पत्र मिलने के बाद नवनियुक्त जिलाध्यक्ष लादेन मंसूरी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर का गहरी कृतज्ञता के साथ आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, “शीर्ष नेतृत्व और विशेषकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने मुझ पर जो भरोसा जताते हुए बरेली जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी है, मैं उस पर पूरी मेहनत, ईमानदारी और सच्ची निष्ठा के साथ खरा उतरूंगा।”

उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि बरेली जिले में पार्टी संगठन को हर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक धार देना उनका पहला लक्ष्य है। इसके साथ ही, जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार, पुलिस प्रशासन की मनमानी और आम जनता की समस्याओं को लेकर पार्टी अब सड़क से लेकर दफ्तरों तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की खबर मिलते ही उनके समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने फूल-मालाओं व मिठाइयों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

विरासत में मिली राजनीति, क्षेत्र में है मजबूत रसूख
राजनीतिक गलियारों में लादेन मंसूरी के नाम के ऐलान को एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। इसका बड़ा कारण उनकी पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि है। लादेन मंसूरी के पिता, लईक मंसूरी पूर्व में चार बार लोकसभा और विधानसभा के प्रत्याशी रह चुके हैं। पूरे बरेली क्षेत्र, विशेषकर अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित वर्गों के बीच उनकी काफी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

पिता की इसी विरासत को लादेन मंसूरी ने अपने संघर्ष से आगे बढ़ाया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों और युवाओं के बीच लादेन मंसूरी की पहचान एक ‘जुझारू और जागरूक समाजसेवी’ की है। वे पिछले कई वर्षों से किसानों, मजदूरों और आम जनमानस की समस्याओं व क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को लेकर लगातार स्थानीय प्रशासन से संवाद स्थापित कर मजबूती से आवाज उठाते रहे हैं।

सामाजिक न्याय और राजनीति का लंबा अनुभव
आजाद अधिकार सेना का जिलाध्यक्ष बनने से पहले भी लादेन मंसूरी का राजनीतिक और सामाजिक सफर बेहद सक्रिय और प्रभावशाली रहा है। उनके पास विभिन्न संगठनों को जमीनी स्तर पर खड़ा करने का लंबा अनुभव है।

उनके पिछले राजनीतिक सफर पर एक नजर:

जिलाध्यक्ष: वे पूर्व में ‘नैतिक पार्टी’ व ‘वंचित समाज इंसाफ पार्टी’ के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूत कर चुके हैं।

मंडल अध्यक्ष: ‘भारत परिषद’ जैसे सामाजिक संगठन के मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा चुके हैं।

जिला उपाध्यक्ष: सामाजिक समीकरणों को साधने में माहिर लादेन मंसूरी ‘राष्ट्रीय अल्पसंख्यक परिषद’, ‘राष्ट्रवादी मुस्लिम पसमांदा महाज’ और ‘सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा)’ जैसे अहम राजनीतिक और सामाजिक दलों में जिला उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी प्रभावी भूमिका दर्ज करा चुके हैं।

आगामी रणनीति और चुनौतियां
लादेन मंसूरी की इस बहुआयामी सक्रियता और राजनीतिक सूझबूझ को देखते हुए ही अमिताभ ठाकुर ने उन्हें बरेली जैसे बड़े जिले की कमान सौंपी है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में आजाद अधिकार सेना जल्द ही बरेली में अपनी जिला, तहसील और ब्लॉक स्तरीय कमेटियों की घोषणा करेगी और जिले के ज्वलंत मुद्दों को लेकर एक बड़ा जन-जागरण अभियान शुरू करेगी

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