RBI का बड़ा ऐलान! इन कार्ड यूजर्स को बढ़ी राहत, नए नियमों से मिलेगा जबरदस्त फायदा

RBI के नए नियमों से क्रेडिट कार्ड यूजर्स को बड़ी राहत। अब मिलेगा 3 दिन का ग्रेस पीरियड और लेट फीस भी होगी कम, जानें कैसे मिलेगा फायदा।

RBI का बड़ा ऐलान! क्रेडिट कार्ड यूजर्स को बढ़ी राहत, नए नियमों से मिलेगा जबरदस्त फायदा
Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 30 Apr 2026 08:56:17

क्रेडिट कार्ड यूज करने वाले लाखों-करोड़ों ग्राहकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव करते हुए ऐसे फैसले लिए हैं, जिनसे यूजर्स को भुगतान में लचीलापन और अतिरिक्त राहत मिल सकेगी। नए नियमों के लागू होने के बाद अब ग्राहकों को लेट पेमेंट को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें कुछ अतिरिक्त समय भी मिलेगा।

नए दिशा-निर्देशों के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब क्रेडिट कार्ड बिल की तय तारीख निकलने के तुरंत बाद पेनल्टी नहीं लगेगी। ग्राहकों को भुगतान करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिसे ग्रेस पीरियड कहा जा रहा है। यानी अगर आपकी ड्यू डेट 5 तारीख है, तो आप 8 तारीख तक बिना किसी लेट फीस के बिल चुका सकते हैं। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जो किसी कारणवश समय पर भुगतान नहीं कर पाते।

इसके अलावा, लेट फीस से जुड़े नियमों में भी अहम सुधार किया गया है। अब बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लेट फीस केवल बकाया रकम पर ही लागू हो, न कि पूरे बिल अमाउंट पर। इससे ग्राहकों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव कम होगा और उन्हें ज्यादा पारदर्शी चार्जिंग सिस्टम का लाभ मिलेगा। हालांकि, अगर ग्राहक इस तीन दिन की अतिरिक्त अवधि में भी भुगतान नहीं करते हैं, तो यह राशि बकाया मानी जाएगी और इसका असर उनके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है।

आरबीआई ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी एक अहम कदम उठाया है। अब बैंकों को यह अधिकार दिया गया है कि वे प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में ग्राहकों को राहत देने के लिए खुद पहल कर सकें। पहले ग्राहकों को इसके लिए आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब बैंक स्वतः राहत प्रदान कर सकेंगे, जिससे प्रभावित लोगों को तुरंत मदद मिल सकेगी।

इन नए नियमों को लागू करने की समयसीमा भी तय कर दी गई है। क्रेडिट कार्ड से जुड़े ये बदलाव 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे, जबकि आपदा से जुड़ी राहत व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू हो जाएगी। कुल मिलाकर, ये नए नियम ग्राहकों को अधिक सुविधा, पारदर्शिता और वित्तीय सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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