बड़ी खबर- ये क्या? कपड़े उतारे, नाचने को किया मजबूर, हॉस्टल में 10वीं के छात्र के साथ वहशीपन, वार्डन गिरफ्तार

Bengaluru Hostel Assault Case: कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित एक अंतरराष्ट्रीय स्कूल के छात्र के उत्पीड़न की घटना सामने आई है। पुलिस ने हॉस्टल वार्डन को 10वीं कक्षा के एक छात्र के यौन उत्पीड़न के लिए कथित तौर पर उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी छात्राें को हॉस्टल में रहने के निर्देश दिए हैं।

Bengaluru Hostel Assault Case
बेंगलुरु के हॉस्टल में छात्र के साथ यौन उत्पीड़न।

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक बार फिर चौंका देने वाली घटना सामने आई है। शहर के इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में उत्पीड़न की सारी हदें पार की दी गईं। हॉस्टल में 10वीं कक्षा में छात्र के सीनियरों ने उसे नंगे होकर डांस करने के लिए मजबूर किया। यौन उत्पीड़न के इस मामले में पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन को अरेस्ट किया है। आरोप है कि छात्रों को ऐसा करने के लिए हॉस्टल के वार्डन ने ही उकसाया था। इस मामले में 10वीं से 12वीं कक्षा तक के छह छात्रों पर लड़के का यौन उत्पीड़न करने और अप्राकृतिक कृत्य करने का आरोप लगा है। पीड़ित स्टूडेंट की शिकायतों पर कार्रवाई न करने के लिए प्रिंसिपल की भी जांच शुरू की गई है।


छात्रों के खिलाफ भी पॉस्को में केस

जानकारी के अनुसार यह घटना बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के पास एक निजी आवासीय अंतरराष्ट्रीय अकादमी स्कूल में घटी। पुलिस ने हॉस्टल वार्डन को उसके वरिष्ठों और सहपाठियों द्वारा 10वीं कक्षा के एक छात्र का यौन उत्पीड़न करने के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वार्डन 48 के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम और यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम की धाराएं लगाई गईं, जिन्हें बेंगलुरु केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।बनेरघट्टा पुलिस में दर्ज शिकायत में संदिग्ध संख्या आठ के रूप में आरोपित संस्थान के प्रिंसिपल को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। एफआईआर में कक्षा 12, 11 और 10 के छात्र को नामजद किया गया है।


वार्डन और प्रिंसिपल पर संगीन आरोप

पुलिस ने कहा है कि छात्र अपने छात्रावास के कमरों में ही रहें पुलिस की अनुमति के बिना बाहर न जाएं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा है कि छह छात्रों पर जेजे अधिनियम और पोक्सो अधिनियम, 2012 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें कक्षा 12 के तीन, कक्षा 11 का एक और कक्षा 10 के दो छात्र है। उन पर लड़के का यौन उत्पीड़न करने और रात में कमरे में घुसकर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप है। उत्तरी कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले शिकायतकर्ता के अनुसार उनके बेटे द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद भी न तो वार्डन और न ही संस्थान के प्रिंसिपल ने आरोपी किशोरों के खिलाफ कोई कार्रवाई की। पिता ने शिकायत में कहा कि इसके बजाय उन्होंने आरोपी छात्रों को मेरे बेटे पर हमला करने के लिए उकसाया।

छात्र को नंगा करके की क्रूरता
पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी छात्रों ने 3 सितंबर की रात लड़के के कपड़े उतार दिए और उसे नंगा नाचने पर मजबूर किया। जब लड़के ने नाचना बंद कर दिया, तो उन्होंने उसे स्टील के हैंगर समेत कई तरह की चीजों से मारा। अगली रात यानी 4 सितंबर को यही ग्रुप लड़के के कमरे में गया और उसे नंगा करके नंगा नाचने पर मजबूर किया। इस बार जब लड़के ने नाचना बंद कर दिया, तो समूह ने उसका यौन उत्पीड़न किया। 5-6 सितंबर की रात को भी यह दुर्व्यवहार जारी रहा। शिकायत में कहा गया है कि जाने से पहले उन्होंने उस पर गर्म और ठंडा पानी डाला। शिकायत में दावा किया गया है कि हॉस्टल वार्डन लड़के से इसलिए नाराज था क्योंकि उसने कुछ साथी छात्रों को उसके दुर्व्यवहार की शिकायत प्रिंसिपल से करने में मदद की थी।

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