गुजरात के सूरत शहर से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है। यहां एक मंदिर के बाथरूम में दो कॉलेज छात्राओं के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों युवतियां करीब 18 से 20 साल की बताई जा रही हैं और कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन अभी तक मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
घटनास्थल से पुलिस को एनेस्थीसिया यानी बेहोशी देने वाले इंजेक्शन मिले हैं। इसके अलावा एक छात्रा के मोबाइल फोन में आत्महत्या से जुड़ी कुछ तस्वीरें और जानकारी भी मिली है, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
एक दिन पहले से लापता थीं दोनों छात्राएं
पुलिस के अनुसार दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से ही लापता थीं। उनके परिवार वालों ने जब काफी देर तक उनसे संपर्क करने की कोशिश की और फोन कॉल का कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्हें चिंता होने लगी।
परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन जब कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने दिंडोली पुलिस स्टेशन में दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। मोबाइल फोन बंद नहीं थे, लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिल रहा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की।
मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग
मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने पर पुलिस को पता चला कि दोनों युवतियां सानिया गांव के आसपास मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस की टीम तुरंत वहां पहुंची और इलाके में तलाश शुरू कर दी
पुलिस ने आसपास के खेतों, सड़कों और अन्य जगहों पर खोजबीन की। इसी दौरान उन्हें स्वामीनारायण मंदिर के पास एक स्कूटी खड़ी दिखाई दी, जो दोनों छात्राओं की बताई जा रही है।
स्कूटी मिलने के बाद पुलिस का शक और गहरा हो गया और उन्होंने मंदिर परिसर में भी जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर पुलिस को अहम सुराग मिला। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि दोनों युवतियां मंदिर परिसर में प्रवेश करती हैं और उसके बाद बाथरूम की ओर जाती हैं।
इसके बाद वे बाहर आती हुई दिखाई नहीं दीं। यह देखकर पुलिस को शक हुआ कि दोनों अंदर ही हो सकती हैं।
जब पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने उसे तोड़ने का फैसला किया।
बाथरूम के अंदर बेहोश मिलीं दोनों
दरवाजा तोड़कर जब पुलिस अंदर पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। दोनों छात्राएं बाथरूम के अंदर बेहोश हालत में जमीन पर पड़ी थीं।
पुलिस ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर दोनों को अस्पताल पहुंचाया। एक छात्रा को सूरत के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जबकि दूसरी को SMIMER अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार वालों में मातम छा गया।
मौके से मिले इंजेक्शन
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को बाथरूम के अंदर से एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले। यह इंजेक्शन आमतौर पर मेडिकल प्रक्रियाओं में मरीज को बेहोश करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
इंजेक्शन मिलने के बाद पुलिस को शक है कि दोनों ने इन्हीं का इस्तेमाल कर अपनी जान देने की कोशिश की होगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये इंजेक्शन उन्हें कहां से मिले।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या किसी मेडिकल स्टोर से ये इंजेक्शन खरीदे गए थे या फिर किसी अन्य माध्यम से उन्हें हासिल किया गया।
मोबाइल फोन में मिले अहम सुराग
पुलिस को जांच के दौरान एक छात्रा का मोबाइल फोन भी मिला। जब उसकी जांच की गई तो उसमें आत्महत्या से जुड़ी कुछ तस्वीरें और जानकारी पाई गई।
इससे पुलिस को यह अंदेशा हुआ कि दोनों पहले से ही आत्महत्या की योजना बना रही थीं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर ऐसा कौन सा कारण था जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
स्कूल के समय से थीं गहरी दोस्त
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि दोनों छात्राएं अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ाई कर रही थीं। हालांकि उनकी दोस्ती काफी पुरानी थी।
बताया जा रहा है कि दोनों स्कूल के समय से ही एक-दूसरे की बेहद करीबी दोस्त थीं और अक्सर साथ ही समय बिताया करती थीं।
दोनों के परिवारों के अनुसार भी उनकी दोस्ती काफी गहरी थी और वे कई बार साथ घूमने-फिरने भी जाती थीं।
परिवारों में पसरा मातम
दोनों छात्राओं की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल पहुंचने के बाद जब डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिवार वालों को अब भी यह विश्वास नहीं हो रहा कि उनकी बेटियां अब इस दुनिया में नहीं रहीं। घरों में मातम का माहौल है और रिश्तेदार लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा। इसके अलावा पुलिस दोनों छात्राओं के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों किसी मानसिक दबाव में थीं या फिर उनके जीवन में कोई ऐसी समस्या थी जिसने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
कई सवाल अभी भी बाकी
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं—आखिर दोनों छात्राओं ने ऐसा कदम क्यों उठाया? उन्हें एनेस्थीसिया के इंजेक्शन कहां से मिले? और क्या इसके पीछे कोई और कारण भी है?
फिलहाल इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएंगे। लेकिन इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक समस्याओं को समझना कितना जरूरी है।


