
5-4-2026 को डॉ बी आर अम्बेडकर जन्म दिवस समारोह समिति हल्द्वानी द्वारा संविधान सम्मान एवं जागरूकता रैली का आयोजन किया गया । रैली का शुभारम्भ ऊंचापुल स्थित रामलीला मैदान से किया गया, रैली कालाढूंगी चौराहे से होते हुए तिकोनिया चौराहा हैडिलगेट पंचक्की चौराहे के बाद डॉ बी आर अम्बेडकर पार्क दमुवाढूँगा मे समापन हुआ, सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि आर आर आर्य जी ने कहा कि आज हम संविधान सम्मान रैली के अवसर पर इकट्ठे हुए हैं, संविधान हमारे देश की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की जीत का प्रतीक है।हम सबको इसका सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक दीप दर्शन ने संविधान के महत्व पर रौशनी डालते हुए कहा कि संविधान हमारे देश की नींव है, जो हमें स्वतंत्रता, समानता और न्याय का अधिकार देता है। यह हमें अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करने की शिक्षा देता है।
सहसंयोजक वीरेंद्र टम्टा ने कहा कि संविधान के मूलभूत सिद्धांत समानता सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करना। संविधान नागरिकों को अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता देना। सभी नागरिकों को न्याय प्रदान करना। संरक्षक श्री दीपक चनियाल जी ने संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों के बीच भाईचारा और एकता को बढ़ावा देना हमें भारतीय संविधान सीखाता है ।
नफीस अहमद खान ने कहा कि संविधान का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हमें इसके मूलभूत सिद्धांतों का पालन करना और दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करना चाहिए। हमें अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
महासचिव दिनेश आर्य ने संचालन करते हुए कहा कि संविधान हमारे देश की आत्मा है। हमें इसके सम्मान में हमेशा खड़े रहना चाहिए और इसके मूलभूत सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। आइए, हम सभी मिलकर अपने देश को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाएं।
कार्यक्रम मे समिति के मुख्य संयोजक दीप दर्शन ,संरक्षक दीपक चनियाल, विरेन्द्र कुमार टम्टा, , मुख्य अतिथि आर आर आर्य, दिनेश आर्या, इंद्र कुमार आर्य, विशिष्ट अतिथि सुंदरलाल बौद्ध, संजय कुमार सागर, नफीस अहमद खान,मुकेश बौद्ध, विनोद बौद्ध, राजेंद्र प्रसाद, अमित कुमार, रितिक कांत, अनवर अंसारी, जीतराम, संजय कुमार टम्टा, सखावत हुसैन, संजय बगढ़वाल, अमित कुमार बौद्ध, हरीश लोधी, विपिन बिहारी, बीर राम, जगदीश चंद्र, सुरेश चंद्र ग्वासीकोटी, पंकज अम्बेडकर, आकाश भारती आदि उपस्थित थे


