कुमाऊँ:- चार सूत्रीय मांगों को लेकर बंगाली समाज का महाआंदोलन, सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान

रुद्रपुर में चार सूत्रीय मांगों को लेकर बंगाली समाज ने महाआंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। रामलीला मैदान में आयोजित इस आंदोलन में सितारगंज, रुद्रपुर और गदरपुर विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के लोग पहुंचे और सरकार से सालों से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

ये है बंगाली समाज की मांगें

बंगाली कल्याण समिति उत्तराखंड के बैनर तले चल रहे आंदोलन में मुख्य रूप से विस्थापित बंगाली समाज की संबंधित जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने, प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक बांग्ला भाषा में पढ़ाई की व्यवस्था करने, पुनर्वासित क्षेत्रों में लंबित भूमिधरी अधिकार देने और बंद छात्रवृत्ति एवं सहायता योजनाओं को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई गई।

मांगें पूरी नहीं होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांगों पर ठोस पहल करने की अपील की और कहा कि यदि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।

बंगाली कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप अधिकारी ने कहा कि जब दूसरे राज्यों में संबंधित समुदायों को अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है, तो उत्तराखंड में भी इस मांग पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने बंगाली बाहुल्य क्षेत्रों के स्कूलों में बांग्ला भाषा की शिक्षा और विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बहाल करने की मांग भी उठाई।

सरकार के राज्य मंत्री ने भी किया समर्थन

छात्र संगठन की ओर से भी शिक्षा और छात्रवृत्ति से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि मांगों के समाधान से विद्यार्थियों और आने वाली पीढ़ी को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं आंदोलन स्थल पर उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री उत्तम दत्ता और नवनियुक्त राज्य मंत्री संजय बाच्छाड़ भी पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने आंदोलनकारियों की बात सुनी और कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी।

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