बरेली के रहने वाले 27 वर्षीय शिवम यादव होमगार्ड भर्ती के फिजिकल टेस्ट में शामिल होने मुरादाबाद गए थे। दौड़ पूरी करते समय उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में मौत हो गई। परिवार ने भर्ती स्थल पर इलाज की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं…
Bareilly News: सरकारी नौकरी पाने का सपना लेकर मुरादाबाद पहुंचे बरेली के एक युवक की कहानी अब परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई है। जिस युवक ने एक दिन पहले अपना 27वां जन्मदिन मनाया था, अगले ही दिन वह नौकरी की दौड़ में शामिल होने गया और फिर कभी वापस नहीं लौटा। बरेली के रहने वाले शिवम यादव की मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती के फिजिकल टेस्ट के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि भर्ती स्थल पर समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से शिवम की जान चली गई।
पत्नी से कहा था- अगली बार जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाएंगे
शिवम की पत्नी कोमल यादव ने बताया कि उनके पति पढ़ाई में काफी अच्छे थे। उन्होंने B.Tech, B.Ed, CTET और UP-TET जैसी परीक्षाएं पास की थी। वह कोचिंग चलाकर अच्छी कमाई भी कर रहे थे, लेकिन उनका सपना सरकारी नौकरी हासिल करना था। कोमल ने बताया कि 17 सितंबर को शिवम का जन्मदिन था। उन्होंने व्रत रखा था और शाम को व्रत खोलने के बाद पत्नी से कहा था कि अगली बार जन्मदिन और भी धूमधाम से मनाएंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उसी रात करीब 10:30 बजे उन्होंने भर्ती के लिए कपड़े पहने और रात 11 बजे बस से मुरादाबाद के लिए निकल गए।
दौड़ते-दौड़ते मैदान में गिर पड़े शिवम
18 सितंबर को मुरादाबाद के कांठ रोड स्थित 9वीं पीएसी ग्राउंड में होमगार्ड भर्ती का फिजिकल टेस्ट चल रहा था। इसी दौरान शिवम 4.8 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर रहे थे। बताया गया कि दौड़ के 12वें राउंड में उनकी तबीयत बिगड़ी और वह मैदान में गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिवम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
पिता ने इलाज व्यवस्था पर उठाए सवाल
शिवम के पिता विनोद यादव ने आरोप लगाया कि भर्ती स्थल पर इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने बताया कि जब उन्हें बेटे की हालत बिगड़ने की जानकारी मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। विनोद यादव का कहना है कि उन्होंने काफी गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। जब तक वह बेटे तक पहुंच पाए, शिवम जमीन पर गिर चुके थे। उनका आरोप है कि मौके पर डॉक्टरों और मेडिकल सुविधाओं की कमी थी।
पांच साल पहले हुई थी शादी, ढाई साल की बेटी है
शिवम यादव की शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। उनकी ढाई साल की बेटी शैली है। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई अंकित और छोटे भाई सचिन वकील हैं, जबकि सबसे छोटा भाई आदित्य चौथी कक्षा में पढ़ता है। परिवार के मुताबिक शिवम बच्चों को फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स पढ़ाते थे। उन्होंने रेलवे लोको पायलट की प्री और मेंस परीक्षा भी पास की थी। इसके अलावा लेखपाल और रेलवे ग्रुप-D जैसी परीक्षाओं में भी हिस्सा लिया था।
सरकारी नौकरी का सपना अधूरा छोड़ गया शिवम
शिवम का सपना था कि वह एक सरकारी नौकरी हासिल कर परिवार का भविष्य बेहतर बनाएं। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी मेहनत जल्द रंग लाएगी, लेकिन होमगार्ड भर्ती की दौड़ उनके जीवन की आखिरी दौड़ साबित हुई। अब पत्नी, बेटी और माता-पिता उनकी यादों के सहारे जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।