मौसम का महा-अलर्ट: 22 जून को देश के 17 राज्यों में आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश की चेतावनी, दिल्ली में राहत तो यूपी में ‘लू’ का टॉर्चर!

पूर्वोत्तर भारत और बंगाल: मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की गंभीर चेतावनी दिल्ली-एनसीआर: धूलभरी आंधी और हल्की बारिश से मिलेगी बड़ी राहत बिहार और झारखंड: मानसून की सक्रियता और आकाशीय बिजली का खौफ उत्तर प्रदेश: अभी जारी रहेगा भीषण ‘लू’ का तांडव, मानसून का इंतजार पहाड़ी राज्यों का हाल: बर्फबारी, ओलावृष्टि और सुहाना मौसम राजस्थान में रेतीला तूफान और हरियाणा में छिटपुट बारिश मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल

IMD Issues Heavy Rain and Thunderstorm Alert for 17 States on June 22

नई दिल्ली (National Weather Desk): प्रकृति का मिजाज कब बदल जाए, कोई नहीं जानता। बीते कई हफ्तों से जो उत्तर और मध्य भारत आसमान से बरसती आग, चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) के थपेड़ों से झुलस रहा था, वहां अब मौसम एक बहुत ही भयानक और तूफानी करवट लेने जा रहा है।READ ALSO:-मेरठ में ये क्या हुआ! जब ‘फायरब्रांड’ बीजेपी नेता संगीत सोम पर मुस्लिम महिलाओं ने की नोटों और फूलों की बारिश, वीडियो ने मचाया तहलका   भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सैटेलाइट रडार और ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक बेहद शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और प्री-मानसून चक्रवाती हवाओं का दबाव भारत के एक बड़े हिस्से पर बन चुका है। चेतावनी इतनी गंभीर है कि मौसम विभाग ने अगले 9 घंटों के भीतर देश के 19 राज्यों में मौसम के पूरी तरह से बिगड़ने और तबाही मचाने वाले तूफान का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो बड़े पेड़ों को उखाड़ने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है।   आइए, इस ‘वेदर इमरजेंसी’ (Weather Emergency) का राज्यवार और जिलेवार विस्तृत विश्लेषण करते हैं ताकि आप और आपका परिवार पूरी तरह से सुरक्षित रह सकें।   रडार पर भारत: इन 19 राज्यों में दिखेगा कुदरत का ‘रौद्र रूप’ मौसम विभाग ने जिन 19 राज्यों के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘रेड’ अलर्ट जारी किया है, वे इस प्रकार हैं: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, तमिलनाडु और केरल।   उत्तर प्रदेश (UP): 85 किमी/घंटे के तूफान का ‘डेंजर जोन’ देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा आक्रामक रूप देखने को मिलेगा। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक बादलों का डेरा होगा। आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के कई जिलों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी (Squall) चलने का अनुमान है। इसके साथ ही मूसलाधार बारिश और कुछ इलाकों में ओले (Hailstorm) भी गिर सकते हैं।   हाई अलर्ट वाले जिले: मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा), मुजफ्फरनगर, हाथरस (महामाया नगर), अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, जालौन, मुरादाबाद, कानपुर, पीलीभीत, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज। प्रशासन की तैयारी: इन जिलों में जिलाधिकारियों ने बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा है। तेज हवाओं के कारण होर्डिंग्स गिरने और बिजली के तार टूटने का भारी खतरा है।   बिहार और झारखंड: 14 जिलों में आसमान से बरसेंगे ‘ओले’ बिहार और झारखंड में उमस भरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल था, लेकिन अब यहां तेज बारिश और आकाशीय बिजली (Lightning) का महा-खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिहार के आसमान में गरजने वाले बादल (Thunderclouds) बन रहे हैं, जो भारी ओलावृष्टि करा सकते हैं।   बिहार के प्रभावित जिले (14 जिले): पटना, गया, जहानाबाद, गोपालगंज, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, भागलपुर, अररिया और किशनगंज। यहां किसानों को आम और लीची की फसल को लेकर खास सतर्कता बरतने को कहा गया है। झारखंड का हाल: राजधानी रांची, जमशेदपुर, धनबाद, दुमका, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में 60-70 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के साथ जोरदार बारिश होगी। खदान क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी गई है।   देवभूमि और पहाड़: उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर में भूस्खलन का डर पहाड़ों पर जब आंधी और बारिश एक साथ आते हैं, तो नदियां उफान पर आ जाती हैं और लैंडस्लाइड (Landslide) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। चारधाम यात्रा पर गए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह अलर्ट बेहद अहम है।   उत्तराखंड: देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में मूसलाधार बारिश और तूफान की चेतावनी है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से बचने की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश: कुल्लू, कांगड़ा, मंडी, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर और किन्नौर में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। जम्मू-कश्मीर: घाटी और जम्मू संभाग के उधमपुर, पुलवामा, कठुआ, डोडा, बारामूला, किश्तवाड़, बडगाम और रामबन में भयंकर तूफान और मूसलाधार बारिश की संभावना है।   मध्य और पश्चिम भारत: राजस्थान और MP में ‘धूल भरी आंधी’ लू के थपेड़े सह रहे राजस्थान और मध्य प्रदेश में मौसम का बदलाव धूल भरी आंधी (Dust Storm) के रूप में सामने आएगा।   राजस्थान का हाल: जयपुर, उदयपुर, सीकर, बीकानेर, भीलवाड़ा, भरतपुर, बूंदी, करौली और धौलपुर में प्री-मानसून की तूफानी बारिश का अलर्ट है। हवाओं के साथ उड़ने वाली धूल से विजिबिलिटी (Visibility) शून्य तक पहुंच सकती है, इसलिए हाईवे पर गाड़ी चलाने वालों को अलर्ट किया गया है। मध्य प्रदेश का मिजाज: इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), धार, विदिशा, कटनी, मुरैना, अशोकनगर, आगर मालवा और नीमच में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की चेतावनी है।   पंजाब और पश्चिम बंगाल की स्थिति पंजाब और हरियाणा: यहां के मैदानी इलाकों—चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, बरनाला और गुरदासपुर में 70-75 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिससे धान की नर्सरी की बुवाई कर रहे किसानों को थोड़ा नुकसान हो सकता है। पश्चिम बंगाल: पूर्व की तरफ हावड़ा, हुगली, कालिम्पोंग, दुर्गापुर, नादिया, मुर्शिदाबाद, झारग्राम और बीरभूम में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का रेड अलर्ट है।   IMD का ‘सेफ्टी मैनुअल’: आम जनता के लिए 5 जीवनरक्षक उपाय 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाला तूफान कोई आम बात नहीं है। मौसम विभाग (IMD) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने लोगों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सख्त अपील की है:   घर के अंदर रहें (Stay Indoors): तूफान के दौरान छतों, बालकनी या खुले मैदानों में न जाएं। पक्के मकानों के अंदर ही रहें। पेड़ों और होर्डिंग्स से दूर रहें: तेज हवाओं में सबसे ज्यादा मौतें पेड़ गिरने या बड़े विज्ञापन बोर्ड (Hoardings) के गिरने से होती हैं। इनके नीचे अपनी गाड़ी बिल्कुल पार्क न करें। इलेक्ट्रॉनिक्स अनप्लग करें: आकाशीय बिजली गिरने का भारी खतरा है। टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर और मोबाइल चार्जर को सॉकेट से निकाल दें। किसानों के लिए अलर्ट: खेतों में काम कर रहे किसान आसमान काला होते ही सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। कटी हुई फसल को तिरपाल से अच्छी तरह ढक दें। हाईवे ड्राइविंग से बचें: धूल भरी आंधी और तेज बारिश के दौरान सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं देता। अगर आप सफर कर रहे हैं, तो गाड़ी को किसी सुरक्षित ढाबे या पेट्रोल पंप पर रोक लें।   16 जून का दिन मौसम के दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील (Highly Sensitive) है। एक तरफ जहां यह बारिश गर्मी से झुलसते लोगों को अमृत के समान राहत देगी, वहीं इसके साथ आने वाला तूफान एक बड़ी आफत भी बन सकता है। इसलिए पैनिक (Panic) न करें, लेकिन पूरी तरह से अलर्ट रहें। अपने स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

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