Uttarakhand : मानसून में इस बार सामान्य ये ज्यादा बारिश के आसार, आपदा प्रबंधन विभाग और सरकार कितनी तैयार ?

विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते वैसे तो उत्तराखंड में हमेशा ही आपदा जैसे हालत बने रहते हैं। लेकिन मानसून सीजन में हालात और खराब हो जाते हैं। हर साल मानसूनी बारिश उत्तराखंड में कहर बनकर बरसती है। जल्द ही उत्तराखंड में मानसून दस्तक देने वाला है। उत्तराखंड में इस वर्ष (2024) में मानसून में सामान्य से अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान जताया जा रहा है।

उत्तराखंड में मानसून हर साल अपने साथ तबाही लेकर आता है। मानसूनी बारिश के कारण अक्सर उत्तराखंड में जान-माल का काफी नुकसान होता है। कई बार तो स्थितियां ऐसी हो जाती है कि बाढ़ में सड़क तक बह जाती है और गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय तक से कट जाता है। ऐसी हालत में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में रेस्क्यू करना भी मुश्किल हो जाता है।

बात अगर पिछले वर्ष की की जाए तो पिछले वर्ष भी आपदा ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई थी। पिछले वर्ष मानसून सीजन में 150 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई तो वहीं प्रदेश को तकरीबन 1400 करोड़ का नुकसान भी हुआ। जोशीमठ हरिद्वार जैसी बड़ी आपदाएं लोगों के जेहन में आपदा के दंश छोड़कर गई थी। पिछले वर्ष प्राकृतिक आप बताओ की वजह से 96 लोगों की मौत हुई थी वहीं 16 लोग लापता हुए थे और 73 लोगों की मौत रोड एक्सीडेंट में हुई थी।

सरकार तैयार कर रही प्लान
पिछली बार की तरह इस बार ऐसा न हो इसके लिए सरकार आपदा विभाग के साथ मिलकर सटीक प्लान तैयार कर रहा है। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मानसून सीजन को लेकर लगातार आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह के लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार के लिए आपदा से निपटना बड़ी चुनौती
उत्तराखंज में इस बार जिस तरीके से बारिश की संभावना अधिक जताई जा रही है तो ऐसे में सरकार के सामने आपदा से निपटने की बड़ी चुनौती रहेगी। लेकिन इस चुनौती से निपटने को लेकर सरकार तमाम दावे कर रही है। भाजपा सरकार में राज्य मंत्री ज्योति प्रसाद गैरोला ने कहा कि मानसून सीजन को देखते हुए भाजपा सरकार लगातार एक्टिव मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समय पर समीक्षा बैठक कर रहे हैं। और इस बार मानसून सीजन को लेकर सरकार पूरी तरह से तैयार है।

तैयारियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
मानसून सीजन को लेकर सरकार की तैयारी पर कांग्रेस ने सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी का कहना है कि जगह-जगह सड़कें खुद ही पड़ी हैं। 40 से अधिक जगहों पर सड़कें खुदी पड़ी हैं जिसकी वजह से जाम की स्थिति है। आने वाले समय में वही डेडलॉक बन जाएगा।

गरिमा दसौनी का कहना है कि हर बार जब मानसून सीजन आता है तो स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल हो जाती है। पानी की निकासी ना होना, नालों का रखरखाव न होना अन्य ऐसी चीज हैं जिन्हें देखकर लगता है कि प्रशासन और सरकार मानसून सीजन में आपदा को न्योता दे रहे हैं।

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