जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों में फीस वृद्धि पर सख्त रुख अपनाया है, जिसमें 15 विद्यालय अधिक शुल्क लेने के दोषी पाए गए हैं। डीएम ने डीआईओएस को दो …और पढ़ें
बहजोई (संभल)। कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीबीएसई एवं आइसीएसई से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक हुई। जिसमें निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क वृद्धि, एनसीईआरटी पुस्तकों के संचालन और छात्र-छात्राओं के नामांकन अभियान की समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि पिछली बैठक में जिन विद्यालयों पर निर्धारित शुल्क से अधिक फीस लेने और जिला शुल्क नियामक समिति से अनुमोदन लिए बिना शुल्क वसूली की शिकायतें मिली थीं, उन्हें प्रत्यावेदन देने का अवसर दिया गया था। प्रत्यावेदन के निस्तारण के बाद 15 विद्यालय अधिक शुल्क लेने के दोषी पाए गए।
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि संबंधित 15 विद्यालयों से शुल्क का पूरा विवरण तत्काल प्राप्त कर संबंधित प्रधानाचार्यों का पक्ष लेकर उसी दिन पत्रावली उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मनमानी फीस वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में नर्सरी से कक्षा आठ तक निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों के संचालन की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। डीएम ने डीआइओएस व बीएसए को निर्देश दिए कि विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों का संचालन सुनिश्चित कराया जाए। कक्षा नौ और 11 में शत-प्रतिशत नामांकन को कहा। साथ ही ड्राप आउट बच्चों की सूची भी मांगी।
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वहीं सीडीओ ने सांस्कृतिक मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा संचालित ज्ञान भारतम् मिशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, पांडुलिपियों और सांस्कृतिक धरोहरों को डिजिटल रूप में सुरक्षित कर आमजन तक पहुंचाना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास पुरानी पांडुलिपियां, ग्रंथ, डायरी, संस्मरण, यात्रा वृत्तांत या अन्य ऐतिहासिक अभिलेख हों तो उनकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि उन्हें मिशन से जोड़कर संरक्षित किया जा सके।


