अदालत ने एक नाबालिग से सामूहिक बलात्कार के आरोपी गुना के दो कराटे प्रशिक्षकों को बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। नाबालिग की शिकायत पर साल 2021 में गुना की कैंट पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ बलात्कार और यौन अपराधों…
गुनाः मध्यप्रदेश की एक अदालत ने एक नाबालिग से सामूहिक बलात्कार के आरोपी गुना के दो कराटे प्रशिक्षकों को बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। नाबालिग की शिकायत पर साल 2021 में गुना की कैंट पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
शिकायत में नाबालिग ने आरोप लगाया था कि दोनों प्रशिक्षकों ने उसके साथ गुना ही नहीं, बल्कि देश के अलग अलग हिस्सों और विदेश में भी बलात्कार किया। पॉक्सो मामलों की विशेष न्यायाधीश सोनाली शर्मा ने आरोपियों जगवीर जाटव (40) और सचिन भटनागर (30) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और सात-सात हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सचिन भटनागर और जगवीर जाटव ने नाबालिग की अपरिपक्वता का लाभ उठाते हुए न केवल उसके साथ व्यक्तिगत विश्वासघात किया बल्कि गुरू-शिष्य के पवित्र संबंधों को धूमिल करके सामाजिक मूल्यों का भी हनन किया।
अदालत ने कहा कि प्रकरण में नाबालिग ने अपनी अल्प आयु में गंभीर प्रकृति के लैंगिक अपराध से उत्पन्न होने वाली पीड़ा को मानसिक रूप से सहन किया है, जिससे उसका संपूर्ण जीवन प्रभावित रहेगा। गुना के पड़ोसी जिले की रहने वाली पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह वर्ष 2017 में कराटे के प्रशिक्षण के लिए गुना एमपी वाडो काई कराटे एसोसिएशन में जाती थी, जहां जगवीर जाटव और सचिन भटनागर प्रशिक्षण देते थे।
आरोपों के मुताबिक दोनों ने मुंबई और मलेशिया समेत विभिन्न स्थानों पर लगातार उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता ने शिकायत में कहा कि साल 2019 तक लगातार उसका शारीरिक शोषण किया गया और जब कोरोना महामारी आई तो यह सिलसिला थमा। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने 2021 में फिर से जब पीड़िता से संपर्क किया तो उसने अपनी मां को सारी बात बताई और फिर जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।