
हल्द्वानी। गौला नदी के ऊपरी जलस्तर (अपर स्ट्रीम) में हजारों मछलियों के मरने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। माना जा रहा है कि अज्ञात शरारती तत्यों द्वारा पानी में जहरीला रसायन घोलकर मछलियों की मारा गया है। जमरानी बांध निर्माण स्थान से धार किलोमीटर नीचे अमिया से अमृतपुर क्षेत्र में नदी में मरी हुई मछलियां दिखी हैं। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मामले में वन विभाग और प्रशासन से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मछलियों के मरने का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है।स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जमरानी बांध निर्माण के लिए प्रयुक्त सामग्री में रसायन का इस्तेमाल किए जाने से गौला का पानी जहरीला हो जा रहा है। जिसके चलते मछलियों की मौत हो रही है। मामला संज्ञान में आते ही नैनीताल वन प्रभाग के डीएफओ आकाश गंगवार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। डीएफओ ने बताया कि रेंजर विपिन पंत के नेतृत्व में गठित टीम मामले की जांच कर रही है। जांच में जिला प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से भी मदद ली जाएगी। लिक्विड ब्लीचिंग के इस्तेमाल की आशंकास्थानीय ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कुछ लोगों द्वारा मछली मारने के लिए नदी के पानी में लिक्विड ब्लीचिंग या कोई अन्य तीव्र जहरीला रसायन डाला गया है। जिससे हजारों छोटी-बड़ी मछलियां मर गई हैं। उधर, पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि असमाजिक तत्वों की यह करतूत गौला नदी के इको सिस्टम को बबर्बाद कर देगी। पुराना है मौत का मह खेल यह पहली बार नहीं है जब गौला नदी में जहर घोलकर मछलियां मारी गई हो। इससे पूर्व भी कई बार इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी है, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में शिकारियों के हौसले बुलंद हैं। पूर्व में पानी के दूषित करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद निर्माण स्थार से निकल रहे पानी के सैंपल की जांच की गई तो दुषित होना नहीं पाया गया। शनिवार को फिर से सैंपल लिया गया है। महेश खरे, महाप्रबंधक, जमरानी परियोजनायह मामला गंभीर है। रेंजर के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आकामा गंगवार, डीएफओ, नैनीताल


