मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना: उत्तराखंड के 9,477 अनाथ बच्चों के खातों में भेजे गए 2.84 करोड़

Chief Minister Vatsalya Yojana: ₹2.84 crore transferred to the accounts of 9,477 orphaned children in Uttarakhand

उत्तराखंड की धामी सरकार ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत जरूरतमंद और बेसहारा बच्चों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। मंगलवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने यमुना कॉलोनी स्थित अपने कैंप कार्यालय से सितंबर और अक्टूबर 2026 की किस्त के रूप में कुल 2 करोड़ 84 लाख 31 हजार रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर किए। इस दौरान कुल 9,477 बच्चों को इस योजना का लाभ दिया गया। कैबिनेट मंत्री ने कहा, “यह योजना बच्चों के भरण-पोषण, पढ़ाई और उनके सुरक्षित भविष्य का जरिया है। सरकार की कोशिश है कि पैसों की तंगी की वजह से किसी भी बच्चे की शिक्षा या पोषण न रुके।”इस मौके पर विभाग की सीपीओ (CPO) अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

नक्शेदेखें

किस महीने में मिली कितनी रकम ?

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि पारदर्शी व्यवस्था (PFMS) के जरिए सितंबर में प्रदेश के 13 जिलों के 4,750 बच्चों को 1.42 करोड़ रुपये और अक्टूबर 2026: 4,727 बच्चों को 1.41 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई।

क्या है योजना और किसे मिलता है लाभ?

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत कोविड-19 महामारी या अन्य आपदाओं में अपने माता-पिता/संरक्षक को खो चुके बच्चों को सहारा देने के लिए की गई थी। इसके तहत 1 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच प्रभावित हुए बच्चों को 21 साल की उम्र पूरी होने तक 3,000 रुपये महीना की आर्थिक मदद दी जाती है। कैबिनेट मंत्री ने कहा, “यह योजना बच्चों के भरण-पोषण, पढ़ाई और उनके सुरक्षित भविष्य का जरिया है। सरकार की कोशिश है कि पैसों की तंगी की वजह से किसी भी बच्चे की शिक्षा या पोषण न रुके।”

अब तक क्या हुआ है योजना के तहत

जिला स्तरीय समिति द्वारा अब तक 6,544 बच्चों को योजना के लिए मंजूर किया गया है।योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 1,565 बच्चे 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं (जिसमें सितंबर में 30 और अक्टूबर में 23 बच्चे शामिल हैं)। शादी, नौकरी लगने या अन्य कारणों से कुल 1,817 बच्चे अब इस योजना के दायरे से बाहर हो चुके हैं।

सितंबर-अक्टूबर 2026 में इन जिलों में बंटी यह धनराशि

  • देहरादून: 40.70 लाख रुपये
  • टिहरी गढ़वाल: 38.07 लाख रुपये
  • ऊधमसिंह नगर: 37.80 लाख रुपये
  • हरिद्वार: 34.98 लाख रुपये
  • नैनीताल: 28.29 लाख रुपये
  • पौड़ी गढ़वाल: 26.58 लाख रुपये
  • अल्मोड़ा: 17.01 लाख रुपये
  • उत्तरकाशी: 14.16 लाख रुपये
  • चंपावत: 14.76 लाख रुपये
  • रुद्रप्रयाग: 11.16 लाख रुपये
  • पिथौरागढ़: 9.30 लाख रुपये
  • चमोली: 6.06 लाख रुपये
  • बागेश्वर: 5.07 लाख रुपये

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